


यह कार्य केवल गायों को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गोवंश की शुद्ध नस्लों को सुरक्षित रखना, उनके लिए उचित आश्रय (गोशाला) बनाना, तथा लोगों को यह समझाना कि गायें केवल दूध ही नहीं देतीं बल्कि खेती, औषधि और पर्यावरण संतुलन में भी अमूल्य योगदान करती हैं।

इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को जीवन के हर पहलू में सशक्त बनाना है। यहाँ शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावसायिक (vocational) और तकनीकी (technical) कौशल पर भी ज़ोर दिया गया है। योग प्रशिक्षण से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जाएगा। स्वरोजगार और कौशल विकास से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग मिलेगा।

नशा, अंधविश्वास एवं कुरीतियों से मुक्ति हेतु सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन।
